सत्य | सत्येन्द्र सिंह | पुस्तक समीक्षा | twilight of poem
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| Satya | Satyendra Singh |Book Review |
कवि परिचय:
सत्येन्द्र सिंह ‘अपूर्ण’ पेशे से यांत्रिकी अभियंता हैं और उन्होंने वर्ष 2003 में गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्री एंड टेक, पंतनगर से स्नातक किया है। उन्हें उन सभी चीजों में रूचि है जो किसी भी रूप में सुन्दर है, चाहे वह कला से संबंधित कार्य हो, प्राकृतिक सुन्दरता हो या किसी व्यक्तित्व की सुन्दरता हो। वे केवल नेत्रों द्वारा मापी गई सुन्दरता को ही महत्व नहीं देते हैं अपितु अन्य सभी रूपों में उपलब्ध सुन्दरता का मापदंड उनके लिए समान है। जहाँ उन्हें एक अच्छी कविता और एक अच्छा संगीत आकर्षित करता है वहीं समाज के जीवंत किरदार भी उन्हें उतना ही लुभाते हैं। वे उन सभी चीजों के पारखी हैं जो सामान्य से ऊपर उठकर व अलग है। वे अपने हृदय के अंतःकरण से दूसरों की भावनाओं को समझते हैं और लोगों को अपनी समस्याओं से जूझने का उपाय भी सुझाते हैं। उनका अंग्रेजी के एक उद्धरण ‘Love is reason for life’ में पूर्ण विश्वास और निष्ठा है। उन्होंने मात्र सोलह वर्ष की अल्प आयु में अपनी भावनाओं को कविता के रूप में व्यक्त करने का कार्य आरंभ कर दिया था। उनके द्वारा रचे गये किरदार जीवन के एक महान आयाम को चित्रित करते हैं।![]() |
| Satya| Satyendra Singh |
किताब का विवरण:
“आप एक कवि नहीं हैं, बल्कि आपने जो कुछ लिखा है वह अधिक बाहरी आकर्षण से प्रेरित है - अंतरात्मा से कम जुड़ा हुआ है। संक्षेप में आपको वर्णित करना हो तो....Words fail me to express…
How influential and touchy a poet you are,
I still can say no one knows better than you
To play with words in feelings of the heart…
Perhaps you are disappointed over your dreams being crushed
But I feel your agony is what has purified and beautified
Your talent, like gold in furnace’s thresh,” शोभा ने कहा।
सत्य अचंभित था कि कोई उसकी कविताओं के द्वारा उसे इतनी अच्छी तरह से कैसे समझ सकता है। शोभा ने कहीं बहुत गहरे सत्य के हृदय को छू लिया था। सत्य ने अपने हृदय के कपाट बंद कर रखे थे सभी के लिए और इस कपाट की चाभी बहुत पहले ही नष्ट कर चुका था मगर शोभा ने बिना चाभी के ये द्वार आज खोल दिये थे।
यह एक प्रेम कथा है शोभा और सत्य की जो अलग-अलग शहरों, परिवेश और भिन्न-भिन्न जीवन के प्रति विचार रखने वालों की है। इतनी विभिन्नता के बावजूद दोनों में एक चीज समान थी कि दोनों अपने-अपने हृदय में अकेले थे और अपने-अपने हृदय के उस टुकड़े की तलाश में थे जो उन्हें पूरा कर सके।
आइये सत्य की इस प्यारी दुनिया में अपने कदम रखते हैं जो जीवन के सभी रंगों को समेटे हुये है और लेखक द्वारा रचे गये हर किरदार को समझते हैं जिन्हें जीवन के हर पहलू को छूने के लिए लेखक द्वारा अपनी कलम की स्याही से चित्रित किया गया है।
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पुस्तक समीक्षा:
पुस्तक मूल रूप से दो मुख्य चरित्र सत्य और शोभा पर आधारित है, जो मैंने अब तक पढ़े गए उपन्यासों में से एक है, जिस तरह से लेखक ने पूरे अध्याय में पाठक को जोड़े रखा है, वह काफी प्रभावशाली है। 2020 के इस नए दशक में 1999 से एक प्रेम कहानी जहां सब कुछ अलग है, फिर भी पाठक को जिज्ञासा से जोड़ने के लिए एक ही ताजगी रखती है।क़िताब शुरू होती है पंतनगर यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज से जहां एक युवा, परिवार का दायित्व, भविष्य की चुनौतियां और प्यार की ठंडी बयार से एक साथ टकराता है। पूरी क़िताब इन तीन अलग-अलग रास्तों के बीच संतुलन साधने में निकल जाती है और 'सत्य' का नायक किस रास्ते की तरफ बढ़ता है, इस सवाल का उत्तर ही पूरी क़िताब को गतिमान बनाए रखता है। हालांकि परिणाम जानने के लिए आपको क़िताब पढ़नी पड़ेगी। पूरी क़िताब रोचक है लेकिन क़िताब उस वक्त पाठक के दिल के सबसे ज्यादा क़रीब हो जाती है जब नायक सत्य और नायिका शोभा के रिश्ते अलग-अलग रास्ते पर चलने लगते हैं। उपन्यास का शीर्षक है 'सत्य...तुम्हारा साथ ही शाश्वत है' लेकिन इससे उलट एक बात ये भी है कि दुनिया में जितनी शाश्वत प्रेम कहानी है वो प्रेमियों को एक साथ कभी नहीं मिलाती। लेखकर सत्येंद्र सिंह अपूर्ण ने इस कथन को कमजोर किया है या मजबूत ये भी आपके किताब पढ़कर ही मालूम होगा।
यह पुस्तक हॉस्टल जीवन, कवियों के बीच प्रेम और बहुत अधिक दिलचस्प चीजों के बारे में बात करती है। मुझे हॉस्टल के हिस्से से विशेष रूप से प्यार है जहां सत्य और उसकी रूममेट की कहानी को समझाया गया है, जो मुझे उन सभी छात्रों के लिए काफी भरोसेमंद लगता है जो हॉस्टल में रहते हैं। कुल मिलाकर पुस्तक एक शानदार है, पुस्तक के कवर से लेकर कहानी तक, सब कुछ मुझे दिलचस्प लगा। मैं निश्चित रूप से सत्य जैसे पुस्तक प्रेमी से निवेदन करूंगा, इस पुस्तक को उनकी प्रिय पाठन सूची में जोड़ना के लिए।
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पुस्तक समीक्षा के लिए संपर्क करें : ९६७८८०९२७३
twilightofpoem@gmail.com






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